Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.39.d30: वे समस्त प्राणियों के अन्तर्यामी हैं और अपने कर्मानुसार नाना प्रकार के रूप धारण करते रहते हैं। उनके सभी अवतार दिव्य हैं और देवताओं से भी संबंधित हैं। मैं उन सभी का वर्णन करूँगा। | mahabharat अध्याय 2.39: भगवान् नारायणकी महिमा और उनके द्वारा मधु-कैटभका वध । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे समस्त प्राणियों के अन्तर्यामी हैं और अपने कर्मानुसार नाना प्रकार के रूप धारण करते रहते हैं। उनके सभी अवतार दिव्य हैं और देवताओं से भी संबंधित हैं। मैं उन सभी का वर्णन करूँगा।
He is the inner soul of all beings and keeps on taking various forms as per his work. All his incarnations are divine and are also associated with the gods. I will describe all of them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥