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mahabharat 2.39.d28: सर्वशक्तिमान भगवान नारायण, जो अव्यक्त होते हुए भी व्यक्त शरीर में विद्यमान हैं, जो सृजन और प्रलय के समय भी सदैव उपस्थित रहते हैं, उन्होंने ही इस संसार की रचना की है।   |   mahabharat अध्याय 2.39: भगवान् नारायणकी महिमा और उनके द्वारा मधु-कैटभका वध   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.39.d28 
अव्यक्तो व्यक्तलिङ्गस्थो य एष भगवान् प्रभु:।
नारायणो जगच्चक्रे प्रभवाप्ययसंहित:॥
 
 
अनुवाद
सर्वशक्तिमान भगवान नारायण, जो अव्यक्त होते हुए भी व्यक्त शरीर में विद्यमान हैं, जो सृजन और प्रलय के समय भी सदैव उपस्थित रहते हैं, उन्होंने ही इस संसार की रचना की है।
 
The Almighty Lord Narayana, who is present in the manifest body despite being unmanifested, who is always present even during creation and destruction, has created this world.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)