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श्री महाभारत
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पर्व 2: सभा पर्व
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अध्याय 38: युधिष्ठिरका शिशुपालको समझाना और भीष्मजीका उसके आक्षेपोंका उत्तर देना
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श्लोक 9
श्लोक
2.38.9
न हि केवलमस्माकमयमर्च्यतमोऽच्युत:।
त्रयाणामपि लोकानामर्चनीयो महाभुज:॥ ९॥
अनुवाद
यह सत्य नहीं है कि महाबाहु श्रीकृष्ण केवल हमारे लिए ही पूजनीय हैं, वे तो तीनों लोकों में पूजनीय हैं ॥9॥
It is not true that the mighty-armed Sri Krishna is the most worship-worthy only for us, He is worship-worthy in all the three worlds. ॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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