Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.38.30: यह शिशुपाल मूर्ख है, यह भगवान श्रीकृष्ण को सर्वव्यापी और सदा स्थिर नहीं समझता, इसीलिए उनके विषय में ऐसी बातें कहता है ॥30॥ | mahabharat अध्याय 2.38: युधिष्ठिरका शिशुपालको समझाना और भीष्मजीका उसके आक्षेपोंका उत्तर देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अयं तु पुरुषो बाल: शिशुपालो न बुध्यते।
सर्वत्र सर्वदा कृष्णं तस्मादेवं प्रभाषते॥ ३०॥
अनुवाद
यह शिशुपाल मूर्ख है, यह भगवान श्रीकृष्ण को सर्वव्यापी और सदा स्थिर नहीं समझता, इसीलिए उनके विषय में ऐसी बातें कहता है ॥30॥
This Shishupala is a foolish person, he does not understand Lord Krishna to be omnipresent and always stable, that is why he says such things about him. 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥