श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 38: युधिष्ठिरका शिशुपालको समझाना और भीष्मजीका उसके आक्षेपोंका उत्तर देना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  2.38.3 
न हि धर्मं परं जातु नावबुध्येत पार्थिव:।
भीष्म: शान्तनवस्त्वेनं मावमंस्थास्त्वमन्यथा॥ ३॥
 
 
अनुवाद
ऐसी बात नहीं है कि शान्तनु नंदन भीष्म जी धर्म का तत्त्व नहीं जानते, इसलिए उनका अनादर न करो ॥3॥
 
It is not the case that Shantanu Nandan Bhishma Ji does not know the essence of religion, so do not disrespect him. ॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)