vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 2: सभा पर्व
»
अध्याय 38: युधिष्ठिरका शिशुपालको समझाना और भीष्मजीका उसके आक्षेपोंका उत्तर देना
»
श्लोक 10
श्लोक
2.38.10
कृष्णेन हि जिता युद्धे बहव: क्षत्रियर्षभा:।
जगत् सर्वं च वार्ष्णेये निखिलेन प्रतिष्ठितम्॥ १०॥
अनुवाद
श्री कृष्ण ने अनेक क्षत्रियों को युद्ध में परास्त किया है। यह सम्पूर्ण जगत वृष्णिकुल भूषण भगवान श्री कृष्ण में पूर्णतः स्थित है। 10॥
Many Kshatriyas have been defeated by Shri Krishna in battle. This entire world is completely established in Vrishnikul Bhushan Lord Shri Krishna. 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×