Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.36.15: 'पूर्वकाल में समस्त प्राणियों के रचयिता उसी प्रभु ने देवताओं को आदेश दिया था कि पृथ्वी पर जन्म लेकर और अपना अभीष्ट प्राप्त करके, एक-दूसरे को मारकर फिर स्वर्गलोक में आ जाओ।॥15॥   |   mahabharat अध्याय 2.36: राजसूययज्ञमें ब्राह्मणों तथा राजाओंका समागम, श्रीनारदजीके द्वारा श्रीकृष्ण-महिमाका वर्णन और भीष्मजीकी अनुमतिसे श्रीकृष्णकी अग्रपूजा   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 36: राजसूययज्ञमें ब्राह्मणों तथा राजाओंका समागम, श्रीनारदजीके द्वारा श्रीकृष्ण-महिमाका वर्णन और भीष्मजीकी अनुमतिसे श्रीकृष्णकी अग्रपूजा  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  2.36.15 
संदिदेश पुरायोऽसौ विबुधान् भूतकृत् स्वयम्।
अन्योन्यमभिनिघ्नन्त: पुनर्लोकानवाप्स्यथ॥ १५॥
 
 
अनुवाद
'पूर्वकाल में समस्त प्राणियों के रचयिता उसी प्रभु ने देवताओं को आदेश दिया था कि पृथ्वी पर जन्म लेकर और अपना अभीष्ट प्राप्त करके, एक-दूसरे को मारकर फिर स्वर्गलोक में आ जाओ।॥15॥
 
'In the past, the same Lord, the creator of all beings, had ordered the gods that after taking birth on Earth and achieving their desired goals, they would kill each other and then come back to the heaven.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)