Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.36.14: वे सोचने लगे - 'हे भगवान्! सर्वव्यापी वारीनगर के शत्रु-विनाशक और विजय करने वाले भगवान् नारायण ने अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने के लिए क्षत्रिय कुल में अवतार लिया है॥14॥ | mahabharat अध्याय 2.36: राजसूययज्ञमें ब्राह्मणों तथा राजाओंका समागम, श्रीनारदजीके द्वारा श्रीकृष्ण-महिमाका वर्णन और भीष्मजीकी अनुमतिसे श्रीकृष्णकी अग्रपूजा । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे सोचने लगे - 'हे भगवान्! सर्वव्यापी वारीनगर के शत्रु-विनाशक और विजय करने वाले भगवान् नारायण ने अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने के लिए क्षत्रिय कुल में अवतार लिया है॥14॥
They started thinking – 'Oh! Lord Narayana, the omnipresent enemy-destroyer of Varinagar and the conqueror, has incarnated in the Kshatriya clan to fulfill his promise. 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥