श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 34: युधिष्ठिरके यज्ञमें सब देशके राजाओं, कौरवों तथा यादवोंका आगमन और उन सबके भोजन-विश्राम आदिकी सुव्यवस्था  »  श्लोक 24h
 
 
श्लोक  2.34.24h 
बहुधातुनिबद्धाङ्गान् हिमवच्छिखरानिव।
 
 
अनुवाद
उनकी दीवारें विभिन्न प्रकार की धातुओं से रंगी हुई थीं और वे हिमालय की चोटियों की तरह सुन्दर दिखती थीं।
 
Their walls were painted with various kinds of metals and they looked as beautiful as the peaks of the Himalayas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)