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श्री महाभारत
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पर्व 2: सभा पर्व
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अध्याय 34: युधिष्ठिरके यज्ञमें सब देशके राजाओं, कौरवों तथा यादवोंका आगमन और उन सबके भोजन-विश्राम आदिकी सुव्यवस्था
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श्लोक 17-18h
श्लोक
2.34.17-18h
एते चान्ये च बहवो राजानो मध्यदेशजा:॥ १७॥
आजग्मु: पाण्डुपुत्रस्य राजसूयं महाक्रतुम्।
अनुवाद
ये तथा अन्य अनेक केन्द्रीय राजा भी पाण्डु नन्दन युधिष्ठिर के राजसूय महायज्ञ में सम्मिलित हुए थे । 17 1/2॥
These and many other central kings also participated in the Rajsuya Mahayagya of Pandanu Nandan Yudhishthira. 17 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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