श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 34: युधिष्ठिरके यज्ञमें सब देशके राजाओं, कौरवों तथा यादवोंका आगमन और उन सबके भोजन-विश्राम आदिकी सुव्यवस्था  »  श्लोक 14-17h
 
 
श्लोक  2.34.14-17h 
शिशुपालो महावीर्य: सह पुत्रेण भारत॥ १४॥
आगच्छत् पाण्डवेयस्य यज्ञं समरदुर्मद:।
रामश्चैवानिरुद्धश्च कङ्कश्च सहसारण:॥ १५॥
गदप्रद्युम्नसाम्बाश्च चारुदेष्णश्च वीर्यवान्।
उल्मुको निशठश्चैव वीरश्चाङ्गावहस्तथा॥ १६॥
वृष्णयो निखिलाश्चान्ये समाजग्मुर्महारथा:।
 
 
अनुवाद
भारत पाण्डुनन्दन युधिष्ठिर के उस यज्ञ में महान योद्धा राजा शिशुपाल भी अपने पुत्र के साथ आये थे। इसके अलावा बलराम, अनिरुद्ध, कंक, सारण, गद, प्रद्युम्न, साम्ब, पराक्रमी चारुदेष्ण, उल्मुक, निषथ, वीर अंगवः तथा वृष्णि वंश के अन्य सभी महान योद्धा उस यज्ञ में आये थे। 14—16 1/2
 
India In that yagya of Pandunandan Yudhishthir, the great warrior king Shishupala also came with his son. Apart from this, Balram, Aniruddha, Kank, Saran, Gad, Pradyumna, Samba, mighty Charudeshna, Ulmuk, Nishath, brave Angavah and all the other great warriors of Vrishni dynasty had come to that yagya. 14—16 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)