Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.33.d1: वैशम्पायनजी कहते हैं- कुरुनन्दन! इस प्रकार सम्पूर्ण पृथ्वी को जीतकर पाँचों पाण्डव भाई इस लोक पर राज्य करने लगे और अपने धर्म के अनुसार आचरण करने लगे। | mahabharat अध्याय 2.33: युधिष्ठिरके शासनकी विशेषता, श्रीकृष्णकी आज्ञासे युधिष्ठिरका राजसूययज्ञकी दीक्षा लेना तथा राजाओं, ब्राह्मणों एवं सगे-सम्बन्धियोंको बुलानेके लिये निमन्त्रण भेजना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायनजी कहते हैं- कुरुनन्दन! इस प्रकार सम्पूर्ण पृथ्वी को जीतकर पाँचों पाण्डव भाई इस लोक पर राज्य करने लगे और अपने धर्म के अनुसार आचरण करने लगे।
Vaishampayanji says- Kurunandan! In this way, after conquering the entire earth, the five Pandava brothers started ruling this world and behaving according to their religion.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥