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mahabharat 2.33.34: उस यज्ञ में ब्रह्मा का कार्यभार स्वयं सत्यवतीनन्दन व्यास ने संभाला था। धनंजयगोत्री ब्राह्मणों में सुसामा सर्वश्रेष्ठ गायिका बनीं। 34॥   |   mahabharat अध्याय 2.33: युधिष्ठिरके शासनकी विशेषता, श्रीकृष्णकी आज्ञासे युधिष्ठिरका राजसूययज्ञकी दीक्षा लेना तथा राजाओं, ब्राह्मणों एवं सगे-सम्बन्धियोंको बुलानेके लिये निमन्त्रण भेजना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 33: युधिष्ठिरके शासनकी विशेषता, श्रीकृष्णकी आज्ञासे युधिष्ठिरका राजसूययज्ञकी दीक्षा लेना तथा राजाओं, ब्राह्मणों एवं सगे-सम्बन्धियोंको बुलानेके लिये निमन्त्रण भेजना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  2.33.34 
स्वयं ब्रह्मत्वमकरोत् तस्य सत्यवतीसुत:।
धनंजयानामृषभ: सुसामा सामगोऽभवत्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
उस यज्ञ में ब्रह्मा का कार्यभार स्वयं सत्यवतीनन्दन व्यास ने संभाला था। धनंजयगोत्री ब्राह्मणों में सुसामा सर्वश्रेष्ठ गायिका बनीं। 34॥
 
Satyavatinandan Vyas himself took care of Brahma's work in that yagya. Among the Dhananjayagotri Brahmins, Susama became the best singer. 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)