Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.33.10: जब वे दोनों आपस में सौहार्दपूर्वक बातें कर रहे थे, उसी समय भगवान श्रीहरि वहाँ आ पहुँचे। वे पुराणपुरुष, नारायण ऋषि, वेदात्मा और वैज्ञानिकों के लिए भी अप्राप्य भगवान हैं। 10॥ | mahabharat अध्याय 2.33: युधिष्ठिरके शासनकी विशेषता, श्रीकृष्णकी आज्ञासे युधिष्ठिरका राजसूययज्ञकी दीक्षा लेना तथा राजाओं, ब्राह्मणों एवं सगे-सम्बन्धियोंको बुलानेके लिये निमन्त्रण भेजना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब वे दोनों आपस में सौहार्दपूर्वक बातें कर रहे थे, उसी समय भगवान श्रीहरि वहाँ आ पहुँचे। वे पुराणपुरुष, नारायण ऋषि, वेदात्मा और वैज्ञानिकों के लिए भी अप्राप्य भगवान हैं। 10॥
While they were talking amicably, Lord Shri Hari arrived at that very moment. He is an inaccessible God even for the Puranapurusha, Narayana Rishi, Vedatma and scientists. 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥