Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.32.7-8h: इसके बाद दशारंदेश पर विजय प्राप्त करने के बाद पांडु नंदन नकुल शिबि, त्रिगर्त, अम्बष्ठ, मालव, पंचकर्पट और मध्यमिक देशों में गये और उन सभी को जीतने के बाद उन्होंने वतधान देश के क्षत्रियों को भी हराया। 7 1/2॥ | mahabharat अध्याय 2.32: नकुलके द्वारा पश्चिम दिशाकी विजय । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तान् दशार्णान् स जित्वा च प्रतस्थे पाण्डुनन्दन:।
शिबींस्त्रिगर्तानम्बष्ठान् मालवान् पञ्चकर्पटान्॥ ७॥
तथा माध्यमिकांश्चैव वाटधानान् द्विजानथ।
अनुवाद
इसके बाद दशारंदेश पर विजय प्राप्त करने के बाद पांडु नंदन नकुल शिबि, त्रिगर्त, अम्बष्ठ, मालव, पंचकर्पट और मध्यमिक देशों में गये और उन सभी को जीतने के बाद उन्होंने वतधान देश के क्षत्रियों को भी हराया। 7 1/2॥
After that, after conquering Dasharandesh, Pandu Nandan Nakul went to Shibi, Trigarta, Ambashtha, Malava, Panchkarpat and Madhyamik countries and after conquering them all, he also defeated the Vatdhaan country Kshatriyas. 7 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥