श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 31: सहदेवके द्वारा दक्षिण दिशाकी विजय  »  श्लोक d87-d89h
 
 
श्लोक  2.31.d87-d89h 
चन्दनानि च मुख्यानि रुक्मरत्नान्यनेकश:॥
वासांसि च महार्हाणि कम्बलानि बहून्यपि।
अन्यांश्च विविधान् राजन् रत्नानि च बहूनि च॥
स ददौ सहदेवाय तदा राजा विभीषण:।)
 
 
अनुवाद
राजा विभीषण ने सहदेव को उत्तम चंदन, अनेक प्रकार के स्वर्ण और रत्न, बहुमूल्य वस्त्र, अनेक कम्बल, अनेक प्रकार के रत्न तथा अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भेंट कीं।
 
King Vibhishana presented Sahadeva with the finest sandalwood, many kinds of gold and gems, costly clothes, many blankets, gems of many kinds and other various precious items.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)