Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.31.d73: उसने एक लाख योजन की दूरी तय करके सभी राजाओं को युद्ध में परास्त किया और अपने विरोधियों का बड़े बल से संहार किया। अपनी इन्द्रियों को वश में करने वाले अर्जुन स्वर्ग के द्वार पर पहुँचे और वहाँ उन्होंने बहुत-सी रत्न-राशि प्राप्त की। | mahabharat अध्याय 2.31: सहदेवके द्वारा दक्षिण दिशाकी विजय । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसने एक लाख योजन की दूरी तय करके सभी राजाओं को युद्ध में परास्त किया और अपने विरोधियों का बड़े बल से संहार किया। अपनी इन्द्रियों को वश में करने वाले अर्जुन स्वर्ग के द्वार पर पहुँचे और वहाँ उन्होंने बहुत-सी रत्न-राशि प्राप्त की।
He travelled a distance of a lakh of yojanas and defeated all the kings in battle and killed his opponents with great force. Arjuna, who had controlled his senses, went to the gates of heaven and obtained a huge amount of gems.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥