Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.31.d71: उसने कृतवों में श्रेष्ठ राजसूय यज्ञ करने की तैयारी कर ली है। उसी राजा ने अपने सभी भाइयों को कर वसूलने के लिए चारों दिशाओं में भेज दिया है। | mahabharat अध्याय 2.31: सहदेवके द्वारा दक्षिण दिशाकी विजय । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजसूयं क्रतुश्रेष्ठमाहर्तुमुपचक्रमे।
संदिदेश च स भ्रातॄन् करार्थं सर्वतोदिशम्॥
अनुवाद
उसने कृतवों में श्रेष्ठ राजसूय यज्ञ करने की तैयारी कर ली है। उसी राजा ने अपने सभी भाइयों को कर वसूलने के लिए चारों दिशाओं में भेज दिया है।
He has made preparations to perform the ritual of Rajasuya, the best among the Kratus. The same king has sent all his brothers in all directions to collect taxes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥