vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 2: सभा पर्व
»
अध्याय 31: सहदेवके द्वारा दक्षिण दिशाकी विजय
»
श्लोक d70
श्लोक
2.31.d70
पार्थानामुपकारार्थं चरामि पृथिवीमिमाम्।
आसीत् पृथिव्या: सर्वस्या महीपालो युधिष्ठिर:॥
अनुवाद
मैं कुन्तीपुत्रों का कल्याण करने के लिए ही इस पृथ्वी पर विचरण करता हूँ। महाराज युधिष्ठिर सम्पूर्ण जगत के शासक बन गये हैं।
I roam this earth only to do good to the sons of Kunti. Maharaja Yudhishthira has become the ruler of the whole world.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×