Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.31.d5: उनके गले में सोने का हार, सिर पर मुकुट और कमर में करधनी थी। उनकी दाढ़ियाँ बहुत लंबी थीं, सिर के बाल तांबे के समान लाल थे, मूंछों और दाढ़ी के बाल हरे थे और उनकी आँखें बहुत भयंकर थीं। उनकी भुजाओं में सोने के कंगन चमक रहे थे। | mahabharat अध्याय 2.31: सहदेवके द्वारा दक्षिण दिशाकी विजय । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनके गले में सोने का हार, सिर पर मुकुट और कमर में करधनी थी। उनकी दाढ़ियाँ बहुत लंबी थीं, सिर के बाल तांबे के समान लाल थे, मूंछों और दाढ़ी के बाल हरे थे और उनकी आँखें बहुत भयंकर थीं। उनकी भुजाओं में सोने के कंगन चमक रहे थे।
He was adorned with a gold necklace around his neck, a crown on his head and a belt around his waist. His beards were very long, the hair on his head was red like copper, the hair on his moustache and beard appeared green and his eyes were very fierce. Gold bracelets were shining on his arms.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥