Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.31.d23: अनेक मीनारें और गोपुरम उस नगर की शोभा बढ़ा रहे थे। जगह-जगह स्वर्ण द्वार थे। दिव्य नगाड़ों की मधुर ध्वनि वहाँ गूंजती रहती थी। अनेक उद्यान और वन उस नगर की शोभा बढ़ा रहे थे। | mahabharat अध्याय 2.31: सहदेवके द्वारा दक्षिण दिशाकी विजय । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनेक मीनारें और गोपुरम उस नगर की शोभा बढ़ा रहे थे। जगह-जगह स्वर्ण द्वार थे। दिव्य नगाड़ों की मधुर ध्वनि वहाँ गूंजती रहती थी। अनेक उद्यान और वन उस नगर की शोभा बढ़ा रहे थे।
Many towers and gopurams added to the beauty of that city. There were golden gates at many places. The deep sound of divine drums kept resonating there. Many gardens and forests were adding to the beauty of that city.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥