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mahabharat 2.31.9-10h: वहाँ पर महाबली माद्रीपुत्र ने सेक और अपरेक देशों को जीतकर उनसे नाना प्रकार के रत्न दान में प्राप्त किए। तत्पश्चात् सेकराज को साथ लेकर वह नर्मदा की ओर चला॥9 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 2.31: सहदेवके द्वारा दक्षिण दिशाकी विजय   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 31: सहदेवके द्वारा दक्षिण दिशाकी विजय  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  2.31.9-10h 
सेकानपरसेकांश्च व्यजयत् सुमहाबल:।
करं तेभ्य उपादाय रत्नानि विविधानि च॥ ९॥
ततस्तेनैव सहितो नर्मदामभितो ययौ।
 
 
अनुवाद
वहाँ पर महाबली माद्रीपुत्र ने सेक और अपरेक देशों को जीतकर उनसे नाना प्रकार के रत्न दान में प्राप्त किए। तत्पश्चात् सेकराज को साथ लेकर वह नर्मदा की ओर चला॥9 1/2॥
 
There the mighty son of Madri conquered the countries of Sek and Aparek and received various kinds of gems as gifts from them. Thereafter taking the King of Seka with him he proceeded towards Narmada.॥9 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)