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mahabharat 2.31.73: इस प्रकार समुद्र के तट पर पहुँचकर बुद्धिमान शत्रुनाशक मद्रवती कुमार ने प्रेमपूर्वक घटोत्कच को अपना दूत बनाकर महात्मा पुलस्त्यनन्दन विभीषण के पास भेजा ॥73॥   |   mahabharat अध्याय 2.31: सहदेवके द्वारा दक्षिण दिशाकी विजय   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 31: सहदेवके द्वारा दक्षिण दिशाकी विजय  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  2.31.73 
तत: कच्छगतो धीमान् दूतं माद्रवतीसुत:।
प्रेषयामास हैडिम्बं पौलस्त्याय महात्मने।
विभीषणाय धर्मात्मा प्रीतिपूर्वमरिंदम:॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार समुद्र के तट पर पहुँचकर बुद्धिमान शत्रुनाशक मद्रवती कुमार ने प्रेमपूर्वक घटोत्कच को अपना दूत बनाकर महात्मा पुलस्त्यनन्दन विभीषण के पास भेजा ॥73॥
 
Thus, after reaching the shore of the sea, Madravati Kumar, the intelligent enemy destroyer, lovingly sent Ghatotkacha as his messenger to Mahatma Pulastyanandan Vibhishan. 73॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)