श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 31: सहदेवके द्वारा दक्षिण दिशाकी विजय  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  2.31.3 
अधिराजाधिपं चैव दन्तवक्रं महाबलम्।
जिगाय करदं चैव कृत्वा राज्ये न्यवेशयत्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
उसने समस्त राजाओं के अधिपति महाबली दन्तवक्र को भी परास्त करके उसे कर-संग्राहक बनाकर पुनः उसी राज्य में प्रतिष्ठित कर दिया ॥3॥
 
He also defeated the mighty Dantavakra, the ruler of all kings, and made him a tax collector and reinstated him to the same kingdom. ॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)