vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 2: सभा पर्व
»
अध्याय 31: सहदेवके द्वारा दक्षिण दिशाकी विजय
»
श्लोक 21
श्लोक
2.31.21
ततो रत्नान्युपादाय पुरीं माहिष्मतीं ययौ।
तत्र नीलेन राज्ञा स चक्रे युद्धं नरर्षभ:॥ २१॥
अनुवाद
तत्पश्चात् वे श्रेष्ठ पुरुष रत्नों का दान लेकर महिष्मतीपुरी में गए और वहाँ राजा नील के साथ उनका घोर युद्ध हुआ ॥21॥
Thereafter, those best men went to Mahishmatipuri with gifts of gems and there fought a fierce battle with King Neel. 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×