मारुधं च विनिर्जित्य रम्यग्राममथो बलात्।
नाचीनानर्बुकांश्चैव राज्ञश्चैव महाबल:॥ १४॥
तांस्तानाटविकान् सर्वानजयत् पाण्डुनन्दन:।
वाताधिपं च नृपतिं वशे चक्रे महाबल:॥ १५॥
अनुवाद
महाबली पाण्डुनन्दन सहदेव ने मरुध और रम्यग्राम को बलपूर्वक परास्त किया, तथा नाचिन, अर्बुक और समस्त वणेचर राजाओं को जीत लिया। तत्पश्चात् महाबली माद्रीकुमार ने राजा वाताधिप को भी परास्त किया ॥14-15॥
The mighty Pandunandan Sahadeva forcefully defeated Marudh and Ramyagram and conquered Nachin, Arbuk and all the Vanechar kings. Thereafter, the mighty Madri Kumar subdued King Vatadhipa. 14-15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)