| श्री महाभारत » पर्व 2: सभा पर्व » अध्याय 30: भीमका पूर्व दिशाके अनेक देशों तथा राजाओंको जीतकर भारी धन-सम्पत्तिके साथ इन्द्रप्रस्थमें लौटना » श्लोक 24-25 |
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| | | | श्लोक 2.30.24-25  | समुद्रसेनं निर्जित्य चन्द्रसेनं च पार्थिवम्।
ताम्रलिप्तं च राजानं कर्वटाधिपतिं तथा॥ २४॥
सुह्मानामधिपं चैव ये च सागरवासिन:।
सर्वान् म्लेच्छगणांश्चैव विजिग्ये भरतर्षभ:॥ २५॥ | | | | | | अनुवाद | | तत्पश्चात् भरतश्रेष्ठ भीमसेन ने समुद्रसेन, भूपालचन्द्रसेन, राजा ताम्रलिप्त, कर्वताधिपति और सुह्मनरेश को हराकर समुद्र के तट पर रहने वाले समस्त म्लेच्छों को अपने अधीन कर लिया ॥24-25॥ | | | | Thereafter, Bhimasena, the best of Bharat, defeated Samudrasena, Bhupal Chandrasen, King Tamralipta, Karvatadhipati and Suhmanaresh and subdued all the Mlechchhas who lived on the shores of the sea. 24-25॥ | | ✨ ai-generated | | |
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