vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 2: सभा पर्व
»
अध्याय 30: भीमका पूर्व दिशाके अनेक देशों तथा राजाओंको जीतकर भारी धन-सम्पत्तिके साथ इन्द्रप्रस्थमें लौटना
»
श्लोक 17
श्लोक
2.30.17
दण्डं च दण्डधारं च विजित्य पृथिवीपतीन्।
तैरेव सहितै: सर्वैर्गिरिव्रजमुपाद्रवत्॥ १७॥
अनुवाद
मार्ग में दण्ड-दण्डधार आदि राजाओं को परास्त करके वह उनके साथ गिरिव्रज नगरी में आया ॥17॥
After defeating Dand-Dandhar and other kings on the way, he along with them came to Girivraj city. 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×