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mahabharat 2.30.15-16: विदेह में रहकर कुन्तीकुमार भीम ने इन्द्र पर्वत के निकट रहने वाले सात किरात राजाओं को परास्त किया। तत्पश्चात् अत्यन्त पराक्रमी एवं बलवान कुन्तीकुमार भीम ने सुह्मा और प्रसुह्मा देशों के राजाओं को, जिनके पक्ष में बहुत से लोग थे, युद्ध में परास्त किया और मगध की ओर चले॥ 15-16॥   |   mahabharat अध्याय 2.30: भीमका पूर्व दिशाके अनेक देशों तथा राजाओंको जीतकर भारी धन-सम्पत्तिके साथ इन्द्रप्रस्थमें लौटना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 30: भीमका पूर्व दिशाके अनेक देशों तथा राजाओंको जीतकर भारी धन-सम्पत्तिके साथ इन्द्रप्रस्थमें लौटना  »  श्लोक 15-16
 
 
श्लोक  2.30.15-16 
वैदेहस्थस्तु कौन्तेय इन्द्रपर्वतमन्तिकात्।
किरातानामधिपतीनजयत् सप्त पाण्डव:॥ १५॥
तत: सुह्मान् प्रसुह्मांश्च सपक्षानतिवीर्यवान्।
विजित्य युधि कौन्तेयो मागधानभ्यधाद् बली॥ १६॥
 
 
अनुवाद
विदेह में रहकर कुन्तीकुमार भीम ने इन्द्र पर्वत के निकट रहने वाले सात किरात राजाओं को परास्त किया। तत्पश्चात् अत्यन्त पराक्रमी एवं बलवान कुन्तीकुमार भीम ने सुह्मा और प्रसुह्मा देशों के राजाओं को, जिनके पक्ष में बहुत से लोग थे, युद्ध में परास्त किया और मगध की ओर चले॥ 15-16॥
 
Staying in Videha, Kuntikumar Bhima defeated the seven Kirata kings living near Indra mountain. After this, the extremely valiant and powerful Kuntikumar Bhima defeated the kings of Suhma and Prasuhma countries, who had many people on their side, in a battle and proceeded to Magadh.॥ 15-16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)