Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.3.32: मंद-मंद हवा से हिलती हुई जल की बूँदें जब कमल के पत्तों पर उछलकर बिखरतीं, तो पूरी पुष्करिणी मोतियों की बूँदों से भर जाती थी। उसके चारों ओर के घाटों पर बड़े-बड़े रत्नों से जड़ित चौकोर शिलाओं से ठोस वेदियाँ बनाई गई थीं। | mahabharat अध्याय 2.3: मयासुरका भीमसेन और अर्जुनको गदा और शंख लाकर देना तथा उसके द्वारा अद्भुत सभाका निर्माण । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मंद-मंद हवा से हिलती हुई जल की बूँदें जब कमल के पत्तों पर उछलकर बिखरतीं, तो पूरी पुष्करिणी मोतियों की बूँदों से भर जाती थी। उसके चारों ओर के घाटों पर बड़े-बड़े रत्नों से जड़ित चौकोर शिलाओं से ठोस वेदियाँ बनाई गई थीं।
When the drops of water, agitated by the gentle breeze, leapt and scattered on the lotus leaves, the entire Pushkarini appeared to be full of pearl drops. On the ghats around it, solid altars were built using square rocks studded with large gems.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥