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mahabharat 2.3.26: वह उत्तम पदार्थों से निर्मित था। उसकी दीवारें और द्वार रत्नजटित थे। उस पर अनेक प्रकार के अद्भुत चित्र अंकित थे। वह धन-धान्य से परिपूर्ण था। दैत्यों के विश्वकर्मा मयासुर ने उस सभाभवन का अत्यंत सुन्दर निर्माण किया था॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 2.3: मयासुरका भीमसेन और अर्जुनको गदा और शंख लाकर देना तथा उसके द्वारा अद्‍भुत सभाका निर्माण   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 3: मयासुरका भीमसेन और अर्जुनको गदा और शंख लाकर देना तथा उसके द्वारा अद्‍भुत सभाका निर्माण  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  2.3.26 
उत्तमद्रव्यसम्पन्ना रत्नप्राकारतोरणा।
बहुचित्रा बहुधना सुकृता विश्वकर्मणा॥ २६॥
 
 
अनुवाद
वह उत्तम पदार्थों से निर्मित था। उसकी दीवारें और द्वार रत्नजटित थे। उस पर अनेक प्रकार के अद्भुत चित्र अंकित थे। वह धन-धान्य से परिपूर्ण था। दैत्यों के विश्वकर्मा मयासुर ने उस सभाभवन का अत्यंत सुन्दर निर्माण किया था॥ 26॥
 
It was built with the finest materials. Its walls and gates were made of gems. Many types of wonderful pictures were painted on it. It was full of wealth. Mayasura, the Vishwakarma of the demons, had built that assembly hall very beautifully.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)