Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.3.17: उस यज्ञ में सुवर्णमालाओं से सुशोभित स्तम्भ और अत्यन्त चमकीली वेदियाँ बनाई गई थीं। भगवान केशव ने उस यज्ञ में हजारों और लाखों वस्तुएँ दान की थीं ॥17॥ | mahabharat अध्याय 2.3: मयासुरका भीमसेन और अर्जुनको गदा और शंख लाकर देना तथा उसके द्वारा अद्भुत सभाका निर्माण । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुवर्णमालिनो यूपाश्चैत्याश्चाप्यतिभास्वरा:।
ददौ यत्र सहस्राणि प्रयुतानि च केशव:॥ १७॥
अनुवाद
उस यज्ञ में सुवर्णमालाओं से सुशोभित स्तम्भ और अत्यन्त चमकीली वेदियाँ बनाई गई थीं। भगवान केशव ने उस यज्ञ में हजारों और लाखों वस्तुएँ दान की थीं ॥17॥
In that Yagya, pillars decorated with golden garlands and very shining altars were built. Lord Keshav had donated thousands and lakhs of things in that yagya. 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥