Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.3.14: सम्पूर्ण लोकों के रचयिता और सम्पूर्ण प्राणियों के शासक, उग्र एवं तेजस्वी सनातन भगवान महादेवजी वहाँ निवास करते हैं और हजारों भूतों से सेवित होते हैं॥14॥   |   mahabharat अध्याय 2.3: मयासुरका भीमसेन और अर्जुनको गदा और शंख लाकर देना तथा उसके द्वारा अद्‍भुत सभाका निर्माण   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 3: मयासुरका भीमसेन और अर्जुनको गदा और शंख लाकर देना तथा उसके द्वारा अद्‍भुत सभाका निर्माण  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  2.3.14 
यत्र भूतपति: सृष्ट्वा सर्वान् लोकान् सनातन:।
उपास्यते तिग्मतेजा: स्थितो भूतै: सहस्रश:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
सम्पूर्ण लोकों के रचयिता और सम्पूर्ण प्राणियों के शासक, उग्र एवं तेजस्वी सनातन भगवान महादेवजी वहाँ निवास करते हैं और हजारों भूतों से सेवित होते हैं॥14॥
 
Mahadevji, the fierce and bright eternal God, the creator of all the worlds and the ruler of all living beings, stays there and is served by thousands of ghosts. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)