Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.3.13: यह सब दिखावे के लिए बनाया गया था, शास्त्रीय विधि या सिद्धांत के अनुसार नहीं। हजार नेत्रों वाले भगवान इंद्र ने भी वहीं यज्ञ करके सिद्धि प्राप्त की थी ॥13॥ | mahabharat अध्याय 2.3: मयासुरका भीमसेन और अर्जुनको गदा और शंख लाकर देना तथा उसके द्वारा अद्भुत सभाका निर्माण । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शोभार्थं विहितास्तत्र न तु दृष्टान्तत: कृता:।
अत्रेष्ट्वा स गत: सिद्धिं सहस्राक्ष: शचीपति:॥ १३॥
अनुवाद
यह सब दिखावे के लिए बनाया गया था, शास्त्रीय विधि या सिद्धांत के अनुसार नहीं। हजार नेत्रों वाले भगवान इंद्र ने भी वहीं यज्ञ करके सिद्धि प्राप्त की थी ॥13॥
All this was made for show, not according to classical method or theory. Lord Indra, the one with thousand eyes, had also attained Siddhi by performing Yagya there. 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥