Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.3.11-12: हे भरतश्रेष्ठ! वहाँ समस्त प्राणियों के स्वामी महात्मा प्रजापति ने सौ महत्त्वपूर्ण यज्ञ किये, जिनमें सोने की वेदियाँ और बहुमूल्य रत्नों के स्तम्भ बनाये गये। | mahabharat अध्याय 2.3: मयासुरका भीमसेन और अर्जुनको गदा और शंख लाकर देना तथा उसके द्वारा अद्भुत सभाका निर्माण । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरतश्रेष्ठ! वहाँ समस्त प्राणियों के स्वामी महात्मा प्रजापति ने सौ महत्त्वपूर्ण यज्ञ किये, जिनमें सोने की वेदियाँ और बहुमूल्य रत्नों के स्तम्भ बनाये गये।
O best of the Bharatas! There, the great soul Prajapati, the lord of all beings, performed the hundred important sacrifices, in which altars of gold and pillars of precious stones were made.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥