श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 29: भीमसेनका पूर्व दिशाको जीतनेके लिये प्रस्थान और विभिन्न देशोंपर विजय पाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.29.16 
ततो भीमस्तत्र राजन्नुषित्वा त्रिदश क्षपा:।
सत्कृत: शिशुपालेन ययौ सबलवाहन:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
महाराज! तत्पश्चात् शिशुपाल द्वारा सम्मानित होकर भीमसेन अपनी सेना और घुड़सवारों सहित तेरह दिन तक वहाँ रहे और फिर वहाँ से चले गये।
 
King! After that, Bhimsena, being honoured by Shishupal, stayed there with his army and horsemen for thirteen days. After that, he left from there.
 
इति श्रीमहाभारते सभापर्वणि दिग्विजयपर्वणि भीमदिग्विजये एकोनत्रिंशोऽध्याय:॥ २९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत सभापर्वके अन्तर्गत दिग्विजयपर्वमें भीमदिग्विजयविषयक उन्तीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २९॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)