श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 29: भीमसेनका पूर्व दिशाको जीतनेके लिये प्रस्थान और विभिन्न देशोंपर विजय पाना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  2.29.13 
तौ समेत्य महाराज कुरुचेदिवृषौ तदा।
उभयोरात्मकुलयो: कौशल्यं पर्यपृच्छताम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! कुरुवंश और चेदिवंश के वे महापुरुष आपस में मिले और दोनों वंशों का कुशलक्षेम पूछा।
 
Maharaj! Those great men of the Kuru clan and the Chedi clan met and inquired about the well-being of both the clans.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)