vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 2: सभा पर्व
»
अध्याय 29: भीमसेनका पूर्व दिशाको जीतनेके लिये प्रस्थान और विभिन्न देशोंपर विजय पाना
»
श्लोक 13
श्लोक
2.29.13
तौ समेत्य महाराज कुरुचेदिवृषौ तदा।
उभयोरात्मकुलयो: कौशल्यं पर्यपृच्छताम्॥ १३॥
अनुवाद
महाराज! कुरुवंश और चेदिवंश के वे महापुरुष आपस में मिले और दोनों वंशों का कुशलक्षेम पूछा।
Maharaj! Those great men of the Kuru clan and the Chedi clan met and inquired about the well-being of both the clans.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×