श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 29: भीमसेनका पूर्व दिशाको जीतनेके लिये प्रस्थान और विभिन्न देशोंपर विजय पाना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  2.29.12 
चेदिराजोऽपि तच्छ्रुत्वा पाण्डवस्य चिकीर्षितम्।
उपनिष्क्रम्य नगरात् प्रत्यगृह्णात् परंतप॥ १२॥
 
 
अनुवाद
परंतप! पाण्डुकुमार भीम का अभिप्राय जानकर चेदिराज शिशुपाल भी नगर से बाहर आ गया और आतिथ्यपूर्वक उनका स्वागत किया॥12॥
 
Parantap! Knowing the intentions of Pandukumar Bhima, Chediraj Shishupal also came out of the city and welcomed him with hospitality. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)