श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 29: भीमसेनका पूर्व दिशाको जीतनेके लिये प्रस्थान और विभिन्न देशोंपर विजय पाना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  2.29.10 
ततो दक्षिणमागम्य पुलिन्दनगरं महत्।
सुकुमारं वशे चक्रे सुमित्रं च नराधिपम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
फिर उसने दक्षिण दिशा में आकर पुलिन्द नामक महान नगर, सुकुमार और उसके राजा सुमित्र को अपने अधीन कर लिया ॥10॥
 
Then he came to the south and captured the great city of Pulinda, Sukumar and its king Sumitra. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)