Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.28.d8-d9: तत्पश्चात् अर्जुन ने उस देश के निवासियों को युद्ध में जीतकर उन पर कर लगाया और फिर उन भाग्यशाली लोगों को उस देश का शासक बना दिया। तत्पश्चात् अर्जुन वस्त्राभूषणों सहित दिव्य रत्नों का दान लेकर वहाँ से प्रसन्नतापूर्वक उत्तर दिशा की ओर चले। | mahabharat अध्याय 2.28: किम्पुरुष, हाटक तथा उत्तरकुरुपर विजय प्राप्त करके अर्जुनका इन्द्रप्रस्थ लौटना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जित्वा च तान् महाभागान् करे च विनिवेश्य स:॥
रत्नान्यादाय दिव्यानि भूषणैर्वसनै: सह।
उदीचीमथ राजेन्द्र ययौ पार्थो मुदान्वित:॥
अनुवाद
तत्पश्चात् अर्जुन ने उस देश के निवासियों को युद्ध में जीतकर उन पर कर लगाया और फिर उन भाग्यशाली लोगों को उस देश का शासक बना दिया। तत्पश्चात् अर्जुन वस्त्राभूषणों सहित दिव्य रत्नों का दान लेकर वहाँ से प्रसन्नतापूर्वक उत्तर दिशा की ओर चले।
Thereafter Arjuna conquered the inhabitants of that country in a war, imposed taxes on them and then made those fortunate people the rulers of that country. Then Arjuna happily moved towards the north from there after taking gifts of divine gems along with clothes and ornaments.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥