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mahabharat 2.28.d3: वहाँ के पुरुष देवताओं के समान तेजस्वी थे। स्त्रियाँ भी अत्यंत सुंदर थीं। उन सबको देखकर अर्जुन को बहुत प्रसन्नता हुई।   |   mahabharat अध्याय 2.28: किम्पुरुष, हाटक तथा उत्तरकुरुपर विजय प्राप्त करके अर्जुनका इन्द्रप्रस्थ लौटना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 28: किम्पुरुष, हाटक तथा उत्तरकुरुपर विजय प्राप्त करके अर्जुनका इन्द्रप्रस्थ लौटना  »  श्लोक d3
 
 
श्लोक  2.28.d3 
पुरुषान् देवकल्पांश्च नारीश्च प्रियदर्शना:॥
तान् सर्वांस्तत्र दृष्ट्वाथ मुदा युक्तो धनंजय:।
 
 
अनुवाद
वहाँ के पुरुष देवताओं के समान तेजस्वी थे। स्त्रियाँ भी अत्यंत सुंदर थीं। उन सबको देखकर अर्जुन को बहुत प्रसन्नता हुई।
 
The men there were as radiant as gods. The women were also extremely beautiful. Arjuna felt very happy after seeing them all.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)