Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.28.d29-d30: उस नदी के तट पर अनेक दिव्य पुरुष अपनी पत्नियों के साथ विहार करते थे। उनका सौन्दर्य दर्शनीय था। वे सभी को मोहित कर लेते थे। जम्बू नदी का जल ही उनका आहार था। वे सदैव प्रसन्नता और आनंद में डूबे रहते थे और नाना प्रकार के आभूषणों से सुसज्जित रहते थे। | mahabharat अध्याय 2.28: किम्पुरुष, हाटक तथा उत्तरकुरुपर विजय प्राप्त करके अर्जुनका इन्द्रप्रस्थ लौटना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस नदी के तट पर अनेक दिव्य पुरुष अपनी पत्नियों के साथ विहार करते थे। उनका सौन्दर्य दर्शनीय था। वे सभी को मोहित कर लेते थे। जम्बू नदी का जल ही उनका आहार था। वे सदैव प्रसन्नता और आनंद में डूबे रहते थे और नाना प्रकार के आभूषणों से सुसज्जित रहते थे।
Many divine men were roaming around with their wives on the banks of that river. Their beauty was worth seeing. They used to charm everyone. The water of Jambu river was their food. They were always immersed in happiness and joy and were adorned with all kinds of ornaments.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥