श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 28: किम्पुरुष, हाटक तथा उत्तरकुरुपर विजय प्राप्त करके अर्जुनका इन्द्रप्रस्थ लौटना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  2.28.8 
तत एनं महावीर्यं महाकाया महाबला:।
द्वारपाला: समासाद्य हृष्टा वचनमब्रुवन्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
इतने में ही बहुत से विशाल और शक्तिशाली द्वारपाल महाबली अर्जुन के पास आकर प्रसन्नतापूर्वक बोले-॥8॥
 
Meanwhile many huge and powerful gatekeepers arrived to the mighty Arjuna and said happily -॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)