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श्री महाभारत
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पर्व 2: सभा पर्व
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अध्याय 28: किम्पुरुष, हाटक तथा उत्तरकुरुपर विजय प्राप्त करके अर्जुनका इन्द्रप्रस्थ लौटना
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श्लोक 3
श्लोक
2.28.3
तं जित्वा हाटकं नाम देशं गुह्यकरक्षितम्।
पाकशासनिरव्यग्र: सहसैन्य: समासदत्॥ ३॥
अनुवाद
किन्नरदेश पर विजय प्राप्त करने के पश्चात् शान्तचित्त इन्द्रकुमार ने अपनी सेना सहित गुह्यकों द्वारा रक्षित हाटकदेश पर आक्रमण किया ॥3॥
After conquering Kinnardesh, peaceful Indra Kumar along with his army attacked Hatakdesh protected by Guhyaks. 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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