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mahabharat 2.28.16: तब द्वारपालों ने अर्जुन को अनेक दिव्य वस्त्र, दिव्य आभूषण, दिव्य रेशमी वस्त्र तथा मृगचर्म प्रदान किया।16.   |   mahabharat अध्याय 2.28: किम्पुरुष, हाटक तथा उत्तरकुरुपर विजय प्राप्त करके अर्जुनका इन्द्रप्रस्थ लौटना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 28: किम्पुरुष, हाटक तथा उत्तरकुरुपर विजय प्राप्त करके अर्जुनका इन्द्रप्रस्थ लौटना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.28.16 
ततो दिव्यानि वस्त्राणि दिव्यान्याभरणानि च।
क्षौमाजिनानि दिव्यानि तस्य ते प्रददु: करम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तब द्वारपालों ने अर्जुन को अनेक दिव्य वस्त्र, दिव्य आभूषण, दिव्य रेशमी वस्त्र तथा मृगचर्म प्रदान किया।16.
 
Then the gatekeepers gave Arjun many divine clothes, divine ornaments, divine silken garments and deerskin in the form of a deer. 16.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)