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श्लोक 2.27.29  |
स विनिर्जित्य संग्रामे हिमवन्तं सनिष्कुटम्।
श्वेतपर्वतमासाद्य न्यविशत् पुरुषर्षभ:॥ २९॥ |
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| अनुवाद |
| इसके बाद पुरुषोत्तम अर्जुन ने हिमवान और निष्कूट प्रदेश के शासकों को युद्ध में परास्त करके धवलगिरि में आकर अपनी सेना का पड़ाव डाला ॥29॥ |
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| After this, Purushottam Arjun, after defeating the rulers of Himavaan and Nishkut region in the battle, came to Dhavalagiri and camped his army there. 29॥ |
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इति श्रीमहाभारते सभापर्वणि दिग्विजयपर्वणि फाल्गुनदिग्विजये नानादेशजये सप्तविंशोऽध्याय:॥ २७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत सभापर्वके अन्तर्गत दिग्विजयपर्वमें अर्जुनदिग्विजयके प्रसंगमें अनेक देशोंपर विजयसम्बन्धी सत्ताईसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २७॥
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