श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 27: अर्जुनका अनेक पर्वतीय देशोंपर विजय पाना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  2.27.22 
तत: परमविक्रान्तो बाह्लीकान् पाकशासनि:।
महता परिमर्देन वशे चक्रे दुरासदान्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् परम पराक्रमी इन्द्रकुमार ने महान् प्रलय करके वीर एवं साहसी बाह्लीकों को परास्त कर दिया ॥22॥
 
After that, the most valiant Indra Kumar, by wreaking great havoc, subdued the brave and courageous Bahlikas. 22॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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