| श्री महाभारत » पर्व 2: सभा पर्व » अध्याय 27: अर्जुनका अनेक पर्वतीय देशोंपर विजय पाना » श्लोक 13 |
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| | | | श्लोक 2.27.13  | स देवप्रस्थमासाद्य सेनाबिन्दो: पुरं प्रति।
बलेन चतुरङ्गेण निवेशमकरोत् प्रभु:॥ १३॥ | | | | | | अनुवाद | | वहाँ से पराक्रमी अर्जुन सेनाबिन्दु की राजधानी देवप्रस्थ में आये और अपनी चतुरंगिणी सेना के साथ वहाँ डेरा डाला ॥13॥ | | | | From there the powerful Arjuna came to Devprastha, the capital of Senabindu, and camped there with his four-fold army. ॥13॥ | | ✨ ai-generated | | |
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