Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.26.5: राजन! तत्पश्चात् शत्रुओं को संताप देने वाले ऋषि अर्जुन ने सुमण्डल को अपना साथी बनाया और उसके साथ जाकर शाकलद्वीप तथा राजा प्रतिविन्ध्य को जीत लिया॥5॥ | mahabharat अध्याय 2.26: अर्जुनके द्वारा अनेक देशों, राजाओं तथा भगदत्तकी पराजय । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स तेन सहितो राजन् सव्यसाची परंतप:।
विजिग्ये शाकलं द्वीपं प्रतिविन्ध्यं च पार्थिवम्॥ ५॥
अनुवाद
राजन! तत्पश्चात् शत्रुओं को संताप देने वाले ऋषि अर्जुन ने सुमण्डल को अपना साथी बनाया और उसके साथ जाकर शाकलद्वीप तथा राजा प्रतिविन्ध्य को जीत लिया॥5॥
Rajan! Thereafter, Arjuna, the sage who tormented the enemies, made Sumandal his companion and went with him and conquered Shakaldweep and King Prativindhya. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥