Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.26.16: भगदत्त बोले—कुन्तीकुमार! जैसे तुम मेरे लिए हो, वैसे ही राजा युधिष्ठिर भी मेरे लिए हैं। मैं यह सब करूँगा। कहो, मैं तुम्हारे लिए और क्या कर सकता हूँ?॥16॥ | mahabharat अध्याय 2.26: अर्जुनके द्वारा अनेक देशों, राजाओं तथा भगदत्तकी पराजय । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगदत्त उवाच
कुन्तीमातर्यथा मे त्वं तथा राजा युधिष्ठिर:।
सर्वमेतत् करिष्यामि किं चान्यत् करवाणि ते॥ १६॥
अनुवाद
भगदत्त बोले—कुन्तीकुमार! जैसे तुम मेरे लिए हो, वैसे ही राजा युधिष्ठिर भी मेरे लिए हैं। मैं यह सब करूँगा। कहो, मैं तुम्हारे लिए और क्या कर सकता हूँ?॥16॥
Bhagadatta said—Kuntikumar! King Yudhishthira is to me just as you are to me. I will do all this. Tell me, what else can I do for you?॥16॥
इति श्रीमहाभारते सभापर्वणि दिग्विजयपर्वणि अर्जुनदिग्विजये भगदत्तपराजये षड्विंशोऽध्याय:॥ २६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत सभापर्वके अन्तर्गत दिग्विजयपर्वमें अर्जुनदिग्विजयप्रसंगमें भगदत्तपराजयसम्बन्धी छब्बीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥